ग्राम प्रधानों, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण नागरिकों के समन्वय से पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त, जवाबदेह और डिजिटल बनाने की एक प्रामाणिक पहल।[cite: 6]
ग्रामीण स्तर पर पारदर्शिता और विकास योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुँचाना[cite: 6]
नियोधि फाउंडेशन (Niyodhi Foundation) कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 8 के तहत स्थापित एक गैर-लाभकारी सामाजिक संस्था है[cite: 3, 4, 8]। यह पोर्टल उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रधानों, पंचायत प्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों को एक आधुनिक, विधिक और संगठित मंच प्रदान करता है[cite: 4, 6]।
हमारा उद्देश्य किसी भी प्रकार का ट्रेड यूनियन बनाना नहीं है, बल्कि ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों को ई-ग्राम स्वराज, जीपीडीपी (GPDP), बजट प्रबंधन, कानूनी अधिकारों और मॉडल ग्राम निर्माण के प्रति दक्ष और समर्थ बनाना है[cite: 4, 6]।
"एक गाँव, एक ईमानदार" और पंचायत समन्वय समिति के निर्धारित प्राथमिकता क्षेत्र
हर पात्र एवं गरीब परिवार को निर्धारित समय पर पूरी मात्रा में राशन वितरण की पारदर्शी निगरानी।
नालियों, खड़ंजा एवं ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन (SLWM) से गाँव को स्वच्छ व रोगमुक्त रखना।
पंचायत भवन/सचिवालय में नियमित जन-सेवाएं, सचिव की उपस्थिति और डिजिटल रिकॉर्ड संधारण।
शिक्षकों की समय पर उपस्थिति, बच्चों की गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई और पोषणयुक्त मिड-डे मील की सुनिश्चितता।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC/CHC) पर दवाइयों की उपलब्धता तथा गर्भवती महिलाओं व शिशुओं का टीकाकरण।
गाँव में बनने वाली सड़क, नाली, सामुदायिक भवन और इंटरलॉकिंग निर्माण में मानकों का कड़ाई से पालन।
गाँव के विकास के प्रस्ताव ग्राम सभा की खुली बैठक में पारित कराना और नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान।
बिचौलियों, कमीशनखोरी और पक्षपात पर रोक लगाते हुए सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्र तक पहुँचाना।
ग्राम प्रधान पंजीयन, स्वयंसेवक आवेदन अथवा अपने गाँव का विकास सर्वे पूरा करें